गृहप्रवेश करने के नियम
गृह प्रवेश का मुहूर्त दिन, तिथि, वार, नक्षत्र और माह के हिसाब से निकाला जाता है। सही समय पर एवं सही प्रकार से गृह प्रवेश करने से उस घर में रहने के शुभ परिणाम मिलते हैं और घर में रहने वाले लोग सुखी जीवन व्यतीत करते हैं।
1. गृह प्रवेश का मुहूर्त किसी विद्वान पंडित से निकलवा कर ही गृह प्रवेश करना चाहिए।
2. गृह प्रवेश के समय मंत्रोच्चार द्वारा घर के वास्तु पुरुष की पूजा अवश्य करनी चाहिए।
3. गृह प्रवेश करते समय घर के मुखिया को यदि पुरुष है तो दाया पांव पहले और यदि महिला है तो बायां पांव पहले रखकर घर में प्रवेश करना चाहिए।
4. गृह प्रवेश करते समय घर के मालिक की झोली में अनाज, धन, मिष्ठान व हाथ में जल का कुंभ और नारियल इस सामग्री के साथ प्रवेश करना चाहिए।
5. गृह प्रवेश करने के उपरांत घर के ईशान कोण में भगवान गणेश की स्थापना करनी चाहिए तत्पश्चात घर की रसोई में अग्नि पूजन करना चाहिए।
6. गृह प्रवेश करते हुए कन्या पूजन व गो पूजन करना अति शुभ फलदायक होता है।
7. घर की रसोई में पहली चीज दूध उबालना चाहिए। इसके पश्चात मिष्ठान बनाकर भोग लगाना चाहिए।
8. गृहप्रवेश के लिए दिन, तिथि, वार एवं नक्षत्र को ध्यान में रखते हुए, गृह प्रवेश की तिथि और समय का निर्धारण किया जाता है।
9. माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह को गृह प्रवेश के लिए सबसे सही समय बताया गया है। आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, पौष इसके हेतु शुभ नहीं माने गए हैं।
10. मंगल कलश के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
11. घर को बंदनवार, रंगोली, फूलों से सजाना चाहिए।
12. मंगल कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें आम या अशोक के आठ पत्तों के बीच नारियल रखें।
13. कलश व नारियल पर कुमकुम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
14. नए घर में प्रवेश के समय घर के स्वामी और स्वामिनी को पांच मांगलिक वस्तुएं — नारियल, हल्दी, गुड़, चावल, दूध — अपने साथ लेकर नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
15. भगवान गणेश की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख, श्री यंत्र को गृह प्रवेश वाले दिन घर में ले जाना चाहिए।
16. मंगल गीतों के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
17. इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए गणेश जी के मंत्रों के साथ घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में कलश की स्थापना करें।
18. रसोई घर में भी पूजा करनी चाहिये। चूल्हे, पानी रखने के स्थान और स्टोर आदि में धूप, दीप के साथ कुमकुम, हल्दी, चावल आदि से पूजन कर स्वास्तिक चिन्ह बनाना चाहिए।
19. रसोई में पहले दिन गुड़ व हरी सब्जियां रखना शुभ माना जाता है।
20. मिष्ठान बनाकर उसका भोग लगाना चाहिए।
21. घर में बने भोजन से सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं।
22. गौ माता, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि के निमित्त भोजन निकाल कर रखें।
23. ब्राह्मण को भोजन कराएं, इससे घर में सुख, शांति व समृद्धि आती है व हर प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं।