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ज्योतिष एक दर्पण है — जीवन के हर पहलू का विचार

📅 17 जून, 2026 1 मिनट पढ़ने का समय 👁️ 9 बार पढ़ा गया
ज्योतिष एक दर्पण है — जीवन के हर पहलू का विचार

ज्योतिष एक दर्पण की तरह है। इसमें विभिन्न प्रकार के ज्योतिषीय भाग होते हैं, जो किसी भी जातक के जीवन को सफल बनाने तथा जीवन में आगे बढ़ाने हेतु अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के प्रमुख विचार:

1. राजभंग योग 2. गोचर 3. वैधव्य योग 4. खट्कलिन 5. सुनफा, अनफा, दुरुधरा, वेषी, वाशी योग 6. गृह प्राप्ति एवं वाहन सुख विचार 7. विवाह विचार 8. संतान विचार 9. विद्या विचार 10. रोग विचार 11. मारकेश विचार 12. आयुर्दाय 13. षड्बल विचार 14. पंच महापुरुष योग 15. अरिष्ट भंग योग 16. लग्न से द्वादश भाव विचार 17. अष्टकूट ज्ञान 18. गण मैत्री 19. तारा ज्ञान 20. मास शून्य 21. सर्वार्थ सिद्धि योग 22. भद्रा पंचक 23. दश दोष, होलाष्टक 24. मुंडन संस्कार 25. व्रतबंध संस्कार 26. नामकरण, अन्नप्राशन, विद्यारंभ 27. यात्रा मुहूर्त 28. योगिनी एवं दिशा शूल 29. क्रय-विक्रय, वाहन आदि का विचार 30. दग्ध, विष एवं हुताशन योग 31. ससंध भाव 32. भोग्य दशा 33. अयनांश 34. पलभा, वक्री ग्रह साधन 35. मार्गी ग्रह साधन 36. भयात, भाभोग 37. सूर्योदय, सूर्यास्त, दिनमान, रात्रिमान 38. नव निधि काल मान 39. इष्टकाल 40. ऋतु 41. अयन 42. योग 43. करण 44. नक्षत्रों के भेद 45. नक्षत्रों के स्वामी

इसके अतिरिक्त:

- स्वप्न विचार - हस्त विचार - शकुन विचार - वास्तु विचार

इन सभी विषयों का विचार हमारे द्वारा किसी भी जातक के जीवन को सफल बनाने तथा जीवन में आगे बढ़ाने हेतु अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।